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Table of Contents
- 1. डोबेरेनर का त्रिक (Dobereiner’s Triads)
- 2. न्यूलैंड का अष्टक नियम (Newland ka Ashtak Niyam / Newland’s Octaves)
- 3. मेंडलीफ की आवर्त सारणी (Mendeleev ki Avart Sarni )
- 4. आधुनिक आवर्त सारणी (Modern Periodic Table)
- आधुनिक आवर्त सारणी याद करने की ट्रिक
- आधुनिक आवर्त सारणी के वर्गों के नाम एवं उनकी विशेषताएं
- आधुनिक आवर्त सारणी में बाएं से दाएं जाने पर या ऊपर से निचे जाने पर तत्वों के गुणों पर होने वाला प्रभाव

1. डोबेरेनर का त्रिक (Dobereiner’s Triads)
इसकी खोज Dobereiner ने 1817 में की थी।
वे एक जर्मन रसायनज्ञ थे।
उनका पूरा नाम जोहान वोल्फगैंग डोबेरेनर था।
उन्होंने 3-3 के Group में तत्वों को रखा जिसके गुण समान थे ,जिसे उन्होंने त्रिक कहा। लेकिन वे केवल 4 त्रिक हीं बना पाए।
त्रिक के नियम :- इनके अनुसार , तीन तत्वों के Group में बीच वाले तत्व का परमाणु द्रव्यमान (Atomic Mass) , शेष दोनों तरफ के तत्वों के परमाणु द्रव्यमान के औसत के बराबर होता है।
डोबेरेनर के 4 त्रिक निम्नलिखित है :-
- लिथियम (Li), सोडियम (Na), पोटैशियम (K)
- कैल्शियम (Ca), स्ट्रोंशियम (Sr), बेरियम (Ba)
- क्लोरीन (Cl), ब्रोमीन (Br), आयोडीन (I)
- सल्फर (S) , सेलेनियम (Se) , टेल्यूरियम (Te)
डोबेरेनर के त्रिक के अवगुण / दोष
- इन्होंने कुछ तत्वों को ही सजाया था।
- बाद में जो त्रिक (Triads) खोजे गए वह डोबेरेनर के नियम पर फिट नहीं थे।
2. न्यूलैंड का अष्टक नियम (Newland ka Ashtak Niyam / Newland’s Octaves)
इसकी खोज Newland ने 1866 में की थी।
वे इंग्लैंड के रसायनज्ञ थे।
न्यूलैंड का अष्टक नियम :- तत्वों को उनके परमाणु भार के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करने पर प्रत्येक आठवें तत्व के गुण पहले तत्व के समान होते हैं।
इनके समय ज्ञात तत्वों की संख्या 56 थी।
न्यूलैंड के अष्टक का अंतिम तत्व थोरियम (Th) था।
न्यूलैंड के अष्टक के अवगुण / दोष
- न्यूलैंड का अष्टक नियम केवल हल्के तत्वों पर ही लागु हो पाया।
- इन्होंने कैल्शियम (Ca) तक ही तत्वों को अपने सिद्धांत से सजाया।
- न्यूलैंड ने अपने अष्टक में Co और Ni को हैलोजन के साथ रखा था।
- Fe (Iron) के गुण Co और Ni जैसे हैं लेकिन इसे बहुत दूर रखा गया था।
- यह कैल्शियम (Ca) तक ही मान्य है।
Note :- उस समय तक अक्रिय गैस नहीं खोजे गए थे।
3. मेंडलीफ की आवर्त सारणी (Mendeleev ki Avart Sarni )
इसकी खोज दमित्री मेंडलीफ ने 1869 में की थी।
पहली बार मेंडलीफ की आवर्त सारणी 1872 में जर्मन पत्रिका में छपी थी।
वे रूस के रसायनज्ञ थे।
मेंडलीफ का आवर्त नियम :- तत्वों के भौतिक गुण एवं रासायनिक गुण उनके परमाणु भार के आवर्ती फलन होते हैं।
इन्होंने आवर्त और वर्ग के बारे में बताया , इनके अनुसार आवर्त (Periodic) क्षैतिज कतार (Horizontal Rows) में होते हैं जबकि वर्ग (Group) उदग्र कतार (Vertical Column) में होते हैं।
इनके आवर्त सारणी में 7 आवर्त (Periodic) तथा 9 वर्ग (Group) थे।
इनके समय ज्ञात तत्वों की संख्या 63 थी।
मेंडलीफ के आवर्त सारणी का अंतिम तत्व यूरेनियम (U) था।
मेंडलीफ के आवर्त सारणी के गुण
- उस समय तक सारे उपलब्ध तत्वों को सजाया।
- कुछ खाली स्थान छोड़ा , जब भी खोज हो उसे खाली स्थान पर लिखा जा सके। मेंडलीफ ने अपनी आवर्त सारणी में 3 खाली स्थान छोड़ा था। मेंडलीफ ने इन तत्वों को एका-एल्युमिनियम , एका-बोरॉन और एका-सिलिकॉन नाम दिया था , जिसे बाद में गैलियम (Ga) , स्कैंडियम (Sc) और जर्मेनियम (Ge) द्वारा प्रतिस्थापित किया गया।
- एका-एल्युमिनियम ➠ गैलियम (Ga)
- एका-बोरॉन ➠ स्कैंडियम (Sc)
- एका-सिलिकॉन ➠ जर्मेनियम (Ge)
- जब अक्रिय गैस की खोज हुई तो उन्होंने बिना Periodic Table को बाधित किये बायीं ओर रखा।
Note :- अक्रिय गैसों की खोज 1894 में सर विलियम रामसे और विलियम स्ट्रट (लॉर्ड रेले) ने आर्गन के खोज के साथ शुरू हुई थी।
- 1894 ➠ सर विलियम रामसे और विलियम स्ट्रट (लॉर्ड रेले) ने आर्गन के खोज की।
- 1895 ➠ सर विलियम रामसे ने हीलियम की खोज की।
- 1898 ➠ सर विलियम रामसे ने नियॉन , क्रिप्टॉन और जेनॉन की खोज की।
मेंडलीफ के आवर्त सारणी के अवगुण / दोष
- हाइड्रोजन को निश्चित स्थान नहीं दिया गया।
- समस्थानिकों (Isotopes) का भार अलग-अलग होता है , जो अलग-अलग स्थान मांगता था लेकिन समस्थानिकों को अलग-अलग स्थान नहीं दिया गया था।
- जैसे :- हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक हैं जिनके अलग-अलग भार हैं इन्हें एक ही स्थान दिया गया था।
- कुछ जगहों पर अधिक द्रव्यमान वाले तत्व पहले तथा कम द्रव्यमान वाले तत्व बाद में रखे गए थे।
- कुछ असमान गुण वाले तत्वों को एक वर्ग में रखा गया था। जबकि उन्हें अलग-अलग वर्ग में रखा जाना चाहिए था।
- जैसे :- मैंगनीज (Mn) को हैलोजन वर्ग में रखा गया था।
4. आधुनिक आवर्त सारणी (Modern Periodic Table)
इसकी खोज Henry Moseley (हेनरी मोसले) ने 1913 में की थी।
वे इंग्लैंड के रसायनज्ञ थे।
मोसले का आवर्त नियम :- तत्वों के भौतिक गुण एवं रासायनिक गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन होते हैं।
आधुनिक आवर्त सारणी तत्वों के बढ़ते हुए परमाणु संख्या (Atomic number) पर आधारित है या नाभिक में बढ़ते आवेश की संख्या पर आधारित है।
इनके आवर्त सारणी में 7 आवर्त (Periodic) तथा 18 वर्ग (Group) है।
अब तक कुल 118 रासायनिक तत्वों की खोज हो चुकी है। इनमे से लगभग 92 तत्व प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं (अगर ऑप्सन में 92 और 94 दोनों लिखा हो तो 94 को Answer मानेंगे) जबकि शेष 26 तत्वों को प्रयोगशाला में कृत्रिम रूप से बनाया गया है।
आधुनिक आवर्त सारणी याद करने की ट्रिक
s-Block के तत्व
| आवर्त (Periodic) | वर्ग – 1 | . | . | . | वर्ग – 2 | . | . |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | हमारे | H | हाइड्रोजन | ||||
| 2 | लिए | Li | लिथियम | बेटा | Be | बेरिलियम | |
| 3 | ना | Na | सोडियम | मांगे | Mg | मैग्नीशियम | |
| 4 | करो | K | पोटैशियम | कार | Ca | कैल्शियम | |
| 5 | रब | Rb | रुबिडियम | स्कूटर | Sr | स्ट्रॉन्शियम | |
| 6 | से | Cs | सीजियम | बाप | Ba | बेरियम | |
| 7 | फरियाद | Fr | फ्रांसियम | राजी | Ra | रेडियम |
p-Block के तत्व
| आवर्त (Periodic) | वर्ग – 13 | . | . | . | वर्ग – 14 | . | . |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | |||||||
| 2 | बैंगन | B | बोरॉन | कौन | C | कार्बन | |
| 3 | आलु | Al | एलुमिनियम | सि | Si | सिलिकॉन | |
| 4 | गाजर | Ga | गैलियम | गिता | Ge | जर्मेनियम | |
| 5 | इन | In | इंडियम | स्नेहा | Sn | टिन | |
| 6 | थैला | Tl | थैलियम | प्रभा | Pb | लेड (सीसा) | |
| 7 |
| आवर्त (Periodic) | वर्ग – 15 | . | . | . | वर्ग – 16 | . | . |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | |||||||
| 2 | ना | N | नाइट्रोजन | ओ , | O | ऑक्सीजन | |
| 3 | पी | P | फॉस्फोरस | Style | S | सल्फर | |
| 4 | ऐसे | As | आर्सेनिक | से | Se | सेलेनियम | |
| 5 | सबके | Sb | ऐंटीमनी | टी | Te | टेल्यूरियम | |
| 6 | बीच | Bi | बिस्मथ | पो | Po | पोलोनियम | |
| 7 |
| आवर्त (Periodic) | वर्ग – 17 | . | . | . | वर्ग – 18 | . | . |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | हिना | He | हीलियम | ||||
| 2 | फिर | F | फ्लोरीन | नीना | Ne | निऑन | |
| 3 | कल | Cl | क्लोरीन | और | Ar | आर्गन | |
| 4 | बाहर | Br | ब्रोमीन | करीना का | Kr | क्रिप्टन | |
| 5 | आयी | I | आयोडीन | X-Ray | Xe | जेनॉन | |
| 6 | अंटी | At | ऐस्टेटाइन | रंगीन | Rn | रेडॉन | |
| 7 |
आधुनिक आवर्त सारणी के वर्गों के नाम एवं उनकी विशेषताएं
s-Block
वर्ग 1 / IA ⇛ क्षारीय धातु
वर्ग 2 / IIA ⇛ क्षारीय मृदा धातु
p-Block
वर्ग 13 / IIIA ⇛ बोरोन परिवार
वर्ग 14 / IVA ⇛ कार्बन परिवार
वर्ग 15 / VA ⇛ जहरीला
वर्ग 16 / VIA ⇛ चाल्कोजन / काल्कोजन
वर्ग 17 / VIIA ⇛ हैलोजन
वर्ग 18 / 0 / VIIIA ⇛ अक्रिय गैस
d-Block
वर्ग 11 / IB ⇛ मृदा धातु
वर्ग 12 / IIB ⇛ उड़नशील धातु
आधुनिक आवर्त सारणी में बाएं से दाएं जाने पर या ऊपर से निचे जाने पर तत्वों के गुणों पर होने वाला प्रभाव
1. परमाणु का आकार / आयतन / त्रिज्या
- आवर्त में बाएं (Left) से दाएं (Right) जाने पर परमाणु का आकार / आयतन / त्रिज्या तिनों घटता है।
- क्योंकि आवर्त में बाएं (Left) से दाएं (Right) जाने पर नाभिक में प्रोट्रॉनों की संख्या बढ़ती जाती है लेकिन इलेक्ट्रॉन एक ही शेल में जुड़ते हैं। बढ़ा हुआ नाभिकीय आकर्षण बल इलेक्ट्रॉनों को केंद्र की ओर खींचता है , जिससे परमाणु सिकुड़ता है।
- वर्ग में ऊपर (Top) से नीचे (Bottom) जाने पर परमाणु का आकार / आयतन / त्रिज्या तिनों बढ़ता है।
- क्योंकि वर्ग में ऊपर (Top) से नीचे (Bottom) जाने पर हर नए तत्व के साथ एक नया कक्षा (Shell) जुड़ता जाता है , जिससे नाभिक और बाहरी इलेक्ट्रॉन के बीच की दूरी बढ़ जाती है , भले ही नाभिकीय आवेश बढ़ता है , लेकिन नए कक्षा के जुड़ने का प्रभाव ज्यादा होता है , जिससे परमाणु का आकार बढ़ जाता है।
सबसे अधिक परमाणु त्रिज्या वाला तत्व ⟶ फ्रांसियम (Fr)
सबसे छोटा परमाणु त्रिज्या वाला तत्व ⟶ हाइड्रोजन (H)
