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तंत्रिका तंत्र (Nervous System – Brain)

तंत्रिका तंत्र :- शरीर का वह अंग जो सोचने – समझने तथा सूचनाओं का आदान प्रदान करता है , उसे तंत्रिका तंत्र कहते है।

तंत्रिका तंत्र का मुख्य भाग मस्तिष्क तथा मेरुरज्जु है।

तंत्रिका कोशिका (Neuron)

neuron

मानव का मस्तिष्क तथा मेरुरज्जु तंत्रिका कोशिका का बना होता है। अतः तंत्रिका तंत्र की कार्यात्मक एवं समन्वय की इकाई न्यूरॉन को कहते है।

Cell Body को साइटॉन या पेरिकैरियोन भी कहा जाता है। इसी में केन्द्रक (Nucleus) होता है।

तंत्रिका कोशिका भ्रूण के एक्टोडर्म से बनती है।

तंत्रिका कोशिका मानव शरीर की सबसे लम्बी कोशिका है।

तंत्रिका कोशिका में कोशिका विभाजन नहीं होता है क्योंकि इसमें तारककाय (Centrosome) नहीं पाया जाता है।

जन्म के समय Neurons की संख्या लगभग 12 बिलियन होती है।

प्रतिदिन 10,000 न्यूरॉन्स की मृत्यु हो जाती है, जिसके कारण उम्र बढ़ने पर याददाश्त में कमी आने लगती है।

Brain (मस्तिष्क )

brain

मस्तिष्क , क्रेनियम (कपाल) नामक हड्डियों द्वारा सुरक्षित रहता है।

इन हड्डियों के अंदर मस्तिष्क मेनिनजेज नामक झिल्ली से ढंका रहता है।

कभी – कभी Meninges (मेनिनजेज ) में संक्रमण हो जाने पर इसमें सूजन आ जाती है और अत्यधिक तेज बुखार तथा सिर दर्द की शिकायत हो जाती है , जिसे Meningitis रोग कहा जाता है।

मस्तिष्क शरीर का मुख्य समन्वय केन्द्र है।

मानव मस्तिष्क का वजन शरीर के वजन का 2 % होता है।

मस्तिष्क (Brain) का वजन 1350 – 1450 ग्राम होता है।

शिशु में मस्तिष्क (Brain) का वजन 350 – 400 ग्राम होता है।

मानव मस्तिष्क में ध्वनि संवेदना 0.15 सेकेण्ड तक बानी रहती है।

Brain (मस्तिष्क) के 3 भाग होते है।

brain parts

Brain का सबसे बड़ा भाग Forebrain (अग्र मस्तिष्क ) होता है।

Brain का सबसे छोटा भाग Midbrain (मध्य मस्तिष्क ) होता है।

1. Forebrain (अग्र मस्तिष्क )

Forebrain (अग्र मस्तिष्क ) के 3 भाग होते है।

(i) सेरेब्रम (प्रमस्तिष्क )

यह मस्तिष्क का सबसे बड़ा तथा विकसित उपभाग है।

यह कुल मस्तिष्क का 2/3 भाग (66%) होता है।

इसका मुख्य कार्य स्मृति ज्ञान , बुद्धिमता , चिंतन , इच्छा शक्ति को नियंत्रित करना है।

स्मरण शक्ति को कार्टेक्स में मापते हैं ।

(ii) थैलेमस

यह ठंडा , गर्म , दर्द , गंध , स्वाद को बताता है अर्थात यह बाहरी वातावरण का ज्ञान कराता है।

यह जीभ , नाक , त्वचा को नियंत्रित करता है।

Olfactory Lobe (घ्राण लोब ) सूंघने का केन्द्र होता है।

(iii) हाइपोथैलेमस

यह पीयूष ग्रंथि (हाइपोफ़िसिस /पिट्यूटरी / मास्टर ग्रंथि ) के समीप पाया जाता है।

यह अंतः स्रावी ग्रंथि से होने वाले स्राव को नियंत्रित करता है।

यह मास्टर ग्रंथि से होने वाले स्राव को भी नियंत्रित करता है।

यह शरीर के अन्दर तापमान , रक्त चाप , भूख – प्यास , प्रेम – घृणा , गुस्सा , नींद इत्यादि को नियंत्रित करता है।

इसे Emotion Centre कहा जाता है , क्योंकि यह फिलिंग /भाव को नियंत्रित करता है।

यह लैंगिक इच्छाओं को नियंत्रित करता है।

2. Midbrain (मध्य मस्तिष्क )

(i) कारपोरा

यह देखने तथा सुनने की क्रिया को नियंत्रित करता है अर्थात यह आँख , कान को नियंत्रित करता है।

Optic Lobe आँख को नियंत्रित करने का कार्य करता है।

(ii) सेरीब्रल पेंडिकल

यह सेरेब्रम (प्रमस्तिष्क ) को ब्रेन स्टेम से जोड़ता है।

Brain Stem , Brain (मस्तिष्क ) को Spinal Cord (मेरुरज्जु ) से जोड़ता है।

3. Hindbrain (पश्च मस्तिष्क )

(i) सेरीबेलम (अनुमस्तिष्क )

यह Brain का दूसरा सबसे बड़ा भाग है।

यह ऐच्छिक मांसपेशियों को नियंत्रित करता है। यह पेशीय संकुचन को नियंत्रित करता है।

यह शरीर का संतुलन बनाने का काम करता है। यह शरीर की मुद्रा (सीधा खड़ा होना , टेढ़ा खड़ा होना ) को नियंत्रित करता है।

इसे लघु ब्रेन कहा जाता है।

(ii) मेडुला औब्लांगेटा

यह मस्तिष्क का सबसे पिछला भाग है।

यह अनैच्छिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है अर्थात यह उपापचय , हृदय – धड़कन , आहारनाल में पाचन , श्वास लेना तथा क्रमानुकुंचन को नियंत्रित करता है।

मेरुरज्जु (Spinal Cord )

यह रीढ़ की हड्डी में अवस्थित होता है।

इसे द्वितीय Brain भी कहते है।

यह मस्तिष्क में जाने वाले उद्दीपनों को नियंत्रित करता है अर्थात यह Signal का संवहन करता है।

यह ज्ञानेन्द्रियों से सूचनाओं को मस्तिष्क तक और मस्तिष्क से आये हुए क्रियात्मक सूचनाओं को क्रियात्मक अंगों तक भेंजने का कार्य करता है। यही कारण है कि Spinal Cord को तंत्रिका आवेग का प्रसारण केन्द्र कहा जाता है।

यह प्रतिवर्ती क्रिया को नियंत्रित करता है।

वैसी क्रिया जो अतिशीघ्र तथा अनैच्छिक रूप से होती है , उसे प्रतिवर्ती क्रिया कहते है। जैसे – छींक आना , पलक झपकना , जम्हाई लेना , लार टपकना , गर्म वस्तु पर हाथ पड़ने पर हाथ अचानक हटा लेना।

तंत्रिका (Nerve )

मेरुरज्जु से 31 जोड़ी तंत्रिकाएं निकली होती है जबकि मस्तिष्क से 12 जोड़ी तंत्रिकाएं निकली होती है।

तंत्रिका 3 प्रकार के होते है।

(i) Sensory Nerve (संवेदी तंत्रिका )

इसके द्वारा शरीर के विभिन्न भागों से सूचनाओं को मस्तिष्क तक पहुँचाया जाता है, अर्थात सूचनाओं की दिशा शरीर से मस्तिष्क की तरफ होती है।

(ii) Motor Nerve (प्रेरक तंत्रिका )

इसके द्वारा सूचनाओं को मस्तिष्क से शरीर के विभिन्न भागों तक पहुँचाया जाता है, अर्थात सूचनाओं की दिशा मस्तिष्क से शरीर की तरफ होती है।

(iii) Associative Nerve

यह Sensory Nerve तथा Motor Nerve का सामूहिक रूप होता है, अर्थात इसके द्वारा दोनों प्रकार की सूचनाओं का आदान – प्रदान होता है।

तंत्रिका तंत्र

तंत्रिका तंत्र 3 प्रकार का होता है।

(i) केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र (Central nervous system )

यह तंत्रिका तंत्र का सबसे महत्वपूर्ण भाग है। यह पुरे शरीर को नियंत्रित करने का कार्य करता है। इसके अंतर्गत Brain तथा Spinal Cord आता है।

(ii) परिधीय तंत्रिका तंत्र (Peripheral nervous system )

यह मस्तिष्क से निकलने वाली 12 जोड़ी तथा Spinal Cord से निकलने वाली 31 जोड़ी तंत्रिकाओं से मिलकर बना होता है।

(iii) स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic nervous system )

यह मस्तिष्क तथा Spinal Cord से निकलने वाली तंत्रिकाओं में से कुछ महत्वपूर्ण तंत्रिकाओं से मिलकर बना होता है।

स्वायत्त तंत्रिका तंत्र के मुख्यतः 2 कार्य है :- अनुकम्पीय क्रिया , परानुकम्पीय क्रिया।

(क) अनुकम्पीय क्रिया :- इस क्रिया के अंतर्गत निम्नलिखित घटना होती है।

हृदय की गति का तेज होना।

लार ग्रंथि से लार का कम बनना।

आँखों का फैल जाना।

रोंगटे खड़े हो जाना।

पसीना अधिक आना।

पैर थरथराने लगना।

(ख) परानुकम्पीय क्रिया :- अनुकम्पीय क्रिया के दौरान होने वाली स्थिति का धीरे – धीरे सामान्य होने लगना।

तंत्रिका में आवेग का संचरण

दो न्यूरॉन के बीच के स्थान को सिनैप्स कहते है।

synapse

तंत्रिका तंत्र में आवेग संचरण के लिए सोडियम की आवश्यकता होती है।

न्यूरॉन में विधुत आवेग डेंड्राइट – साइटॉन(कोशिका काय) – ऐक्सॉन – ऐक्सॉन छोर तक जाते है।

ऐक्सॉन छोर पर न्यूरॉन में विद्युत संकेत रासायनिक संकेत में बदल जाता है।

Brain Stem

Brain Stem

Brain Stem , Brain (मस्तिष्क ) को Spinal Cord (मेरुरज्जु ) से जोड़ता है।

इसके 3 भाग होते है :- (i)Midbrain (ii)Pons (iii)Medulla Oblongata

Brain Stem का निचला भाग Medulla Oblongata , Spinal Cord (मेरुरज्जु ) से जुड़ा रहता है।

Pons , सेरिबेलम के दोनों भागों के बिच पूल का कार्य करता है।

EEG

इसका पूर्ण रूप Electroencephalogram होता है।

यह एक परिक्षण की विधि है , जिसके द्वारा मस्तिष्क के Potential की जाँच की जाती है।

AES

इसका पूर्ण रूप Acute encephalitis Syndrome होता है।

यह 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में होने वाली एक बीमारी है।

इसमें तेज बुखार की शिकायत होती है।

इस बीमारी को ब्रेन फीवर या मस्तिष्क ज्वर भी कहा जाता है। इसका दूसरा नाम Japanes encephalitis है। यह जापान से संबंधित है।

ECG

इसका पूर्ण रूप Electrocardiogram है।

इसका उपयोग हृदय की गतिविधि का पता लगाने में किया जाता है।

अन्य

खुली आँख के साथ छींक सम्भव नहीं है।

शार्क की कॉर्निया , मानव से समानता के कारण आँख की सर्जरी में प्रयोग की जाती है।

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