phynomagk logo

भारतीय संविधान की 12 अनुसूचियाँ कौन-सी हैं, जानें

हमारे मूल संविधान में 8 अनुसूचियाँ थी। किन्तु वर्तमान में इसकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है।

इसमें राज्य एवं संघ राज्य क्षेत्र की चर्चा है।

इसमें विभिन्न पदाधिकारियों जैसे राष्ट्रपति , उपराष्ट्रपति , राज्यपाल , लोकसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष , राज्यसभा और सभापति और उपसभापति , मुख्यन्यायाधीश , राज्यपाल के वेतनभत्ता की चर्चा है।

  • राष्ट्रपति – 5 लाख रुपये/माह
  • उपराष्ट्रपति – 4 लाख रुपये/माह
  • लोकसभा अध्यक्ष – 4 लाख रुपये/माह
  • राज्यपाल/लोकसभा उपाध्यक्ष/उपसभापति – 3.5 लाख रुपये/माह
  • सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश – 2.8 लाख रुपये/माह
  • सर्वोच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीश/उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश /GAG /UPSC के अध्यक्ष/RBI के गवर्नर – 2.5 लाख रुपये/माह
  • उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीश /UPSC के सदस्य/कैबिनेट के मुख्य सचिव /मंत्रालय का सचिव /चुनाव आयोग /RBI डिप्टी गवर्नर – 2.25 लाख रुपये/माह

इसमें विभिन्न प्रकार के पदाधिकारियों की शपथ की चर्चा है।

इसमें राज्यसभा के सीटों के आबंटन की चर्चा है ( किस राज्य से राज्यसभा में कितनी सीटें आयेंगी।)

इसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति के क्षेत्रों के प्रशासन और नियंत्रण के संबंध में चर्चा है।

इस अनुसूची में पूर्वोत्तर भारत के चार राज्य – असम ,त्रिपुरा , मेघालय, मिजोरम के अनुसूचित क्षेत्र और प्रशासन की चर्चा है।

इस अनुसूची को बारदोलोई समिति के सिफारिश पर जोड़ा गया था।

इस अनुसूची में केंद्र और राज्य के बीच शक्तियों के विभाजन की चर्चा है।

इसी अनुसूची में संघ सूचि (Union list) राज्य सूचि (State list) एवं समवर्ती सूचि (Concurrent list) की चर्चा है।

  • संघ सूचि के ऊपर केंद्र सरकार कानून बना सकती है।
  • राज्य सूचि के ऊपर राज्य सरकार कानून बना सकती है।
  • समवर्ती सूचि में केंद्र तथा राज्य सरकार दोनों कानून बना सकती है।
शक्तियों का विभाजन विषय मूल विषयवर्त्तमान
संघ सूचि सेना , पोस्ट ऑफिस , बैंक ,कम्युनिकेशन , रेल, वायुयान ,जनगणना 97 100
राज्य सूचि पुलिस ,पंचायत ,जेल , स्थानीय स्वशासन , शराब ,पशुपालन , सिचाई ,कृषि ,तीर्थयात्रा ,हॉस्पिटल 66 61
समवर्ती सूचि शिक्षा , आर्थिक नियोजन ,मजदूर संघ ,जनसंख्या नियंत्रण ,वन , विद्युत्त योजना 47 52

इसमें राज्यभाषा का उल्लेख है प्रारंभ में इसमें 14 भाषा थी। किन्तु वर्त्तमान में 22 भाषा को मान्यता प्राप्त है।

21 वां संशोधन – 1967 – सिंधी

71 वां संशोधन – 1992 – नेपाली , मणिपुरी , कोंकण (ट्रिक – नमक)

92 वां संशोधन – 2003 – बोडो , डोगरी , मैथिली , संथाली

इसे प्रथम संशोधन द्वारा 1951 में जोड़ा गया।

इसमें भूमि , जमींदार , उन्नमूलन एवं न्यायिक सक्रियता की चर्चा है। राज्य द्वारा सम्पति के अधिग्रहण की विधियों का उल्लेख (Tax की चर्चा) , भूमि सुधार से सम्बंधित है।

इससे सम्बंधित विषय को न्यायलय में चुनौती नहीं दी जा सकती है। (मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करेगा तो चुनौती दी जा सकती है)

इसे 52 वां संविधान संशोधन 1985 द्वारा जोड़ा गया।

इसमें दल – बदल की चर्चा है।

इसे 73 वां संविधान संशोधन 1992 में जोड़ा गया।

इसमें पंचायत की चर्चा है। इसके अंतर्गत 29 विषय आते है। (24 अप्रैल 1993 से प्रभावी अतः 24 अप्रैल को पंचायत दिवस के रूप में मनाते हैं। )

इसे 74 वां संविधान संशोधन द्वारा 1993 में जोड़ा गया।

इसमें नगरपालिका की चर्चा है। इसके अंतर्गत 18 विषय आते है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top