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परमाणु संख्या एवं परमाणु भार और समस्थानिक एवं समभारिक {CheL2ThbP1}

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परमाणु संख्या का खोज हेनरी मोसले ने 1913 में किया था।

इसे Z द्वारा दर्शाया जाता है।

परिभाषा :- किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोट्रॉनों की संख्या को ही परमाणु क्रमांक कहते हैं। यह हमेशा पूर्णांक होता है।

परमाणु क्रमांक (Z) = प्रोट्रॉन (P)

किसी भी उदासीन परमाणु में प्रोट्रॉन और इलेक्ट्रॉन की संख्या हमेशा बराबर होती है।

किसी उदासीन परमाणु के लिए :-

परमाणु क्रमांक (Z) = प्रोट्रॉन (P) = इलेक्ट्रॉन (e)

इसे A द्वारा दर्शाया जाता है।

परिभाषा :- नाभिक में उपस्थित प्रोट्रॉन और न्यूट्रॉन के संख्याओं के योग को परमाणु भार कहते हैं।

परमाणु भार (A) = प्रोट्रॉन (P) + न्यूट्रॉन (N)

परमाणु क्रमांक (Z) = प्रोट्रॉन (P) अतः

परमाणु भार (A) = परमाणु क्रमांक (Z) + न्यूट्रॉन (N)
न्यूट्रॉन (N) = परमाणु भार (A)प्रोट्रॉन (P)
न्यूट्रॉन (N) = परमाणु भार (A)परमाणु क्रमांक (Z)

एल्यूमीनियम (Al) का परमाणु संख्या 13 और परमाणु भार 27 होता है।

परमाणु संख्या एवं परमाणु भार (parmanu sankhya aur parmanu bhar)

वैसे तत्व जिनके परमाणु संख्या समान हो तथा परमाणु भार अलग-अलग हो उन्हें समस्थानिक (Isotope) कहते हैं।

समस्थानिकों में न्यूट्रॉन की भिन्नता के कारण द्रव्यमान संख्या भिन्न-भिन्न होती है।

जैसे :-

  1. हाइड्रोजन (H) के तीन समस्थानिक हैं।
    • 1H1 :- प्रोटियम
      • इसमें न्यूट्रॉन नहीं होता है।
    • 1H2 :- ड्यूटेरियम
      • इसमें 1 न्यूट्रॉन होता है।
      • यह भारी जल (D2O) बनाता है।
    • 1H3 :- ट्रिटियम
      • इसमें 2 न्यूट्रॉन होता है।
      • यह रेडियोएक्टिव होता है।
  2. कार्बन (C) के दो समस्थानिक हैं।
    • 6C12
      • इसका प्रयोग परमाणु भार ज्ञात करने में किया जाता है।
    • 6C14
      • इसका उपयोग जीवाश्मों की आयु ज्ञात करने के लिए किया जाता है।
  3. यूरेनियम (U) के केवल तीन समस्थानिक प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं।
    • 92U234
      • यह सबसे कम मात्रा में पाया जाता है।
    • 92U235
      • यह यूरेनियम का एकमात्र विखंडनीय समस्थानिक है अर्थात यह न्यूट्रॉन के प्रभाव में विभाजित होकर ऊर्जा मुक्त कर सकता है।
      • इसका उपयोग परमाणु रिएक्टरों में ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जाता है।
    • 92U238
      • यह यूरेनियम का सबसे भारी समस्थानिक है।
      • यह पृथ्वी पर पाए जाने वाले यूरेनियम का सबसे आम और प्रचुर समस्थानिक है , जो लगभग 99 % हिस्सा (सबसे अधिक) है।

चट्टानों की आयु ज्ञात करने में यूरेनियम-235 और यूरेनियम-238 दोनों का उपयोग किया जाता है।

सर्वाधिक समस्थानिकों वाला तत्व पोलोनियम (Po) है। इसके 27 समस्थानिक हैं।

वैसे तत्व जिनके परमाणु भार समान हो तथा परमाणु संख्या अलग-अलग हो उन्हें समभारिक (Isobar) कहते हैं।

जैसे :-

  1. 6C14 तथा 7N14
  2. 18Ar40 तथा 20Ca40

वैसे तत्व जिनमें इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है उन्हें समइलेक्ट्रॉनिक (Isoelectronic) कहते हैं।

जैसे :- 12Mg++ ; 13Al+++ ; 8O

12Mg++e = 12 – 2 = 10
13Al+++e = 13 – 3 = 10
8Oe = 8 + 2 = 10

वैसे तत्व जिनके नाभिक में न्यूट्रॉनों की संख्या समान होती है उन्हें समन्यूट्रॉनिक (Isotone) कहते हैं।

जैसे :-

  1. 6C14 तथा 8O16
    • n = 14 – 6 = 8 तथा n = 16 – 8 = 8
  2. 1H3 तथा 2He4
    • n = 3 – 1 = 2 तथा n = 4 – 2 = 2
  3. 15P31 तथा 16S32
    • n = 31 – 15 = 16 तथा n = 32 – 16 = 16

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